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चुन्नु मुन्नु

चुन्नु मुन्नु थे दो भाई,
रसगुल्ले पर हुई लड़ाई,
चुन्नु बोला मैं खाऊँगा,
मुन्नु बोला मैं
खाऊँगा|
झगड़ा सुनकर मम्मी आई,
दोनों को एक चपत लगाईl
आधा तुम
लो, चुन्नू बेटा
आधा तुम लो, मुन्नु बेटा,
अब से झगड़ा कभी मत करना
दोनों
िमलजुल कर रहना |

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मैं तो सो रही थी

मैं तो सो रही थी
मुझे मुर्गे ने जगाया
बोला, " कुकडू- कूंँ - 2 |"

मैं
तो नहा रही थी,
मुझे कौवे ने बुलाया
बोला, "काँव-काँव-काँव|"

मैं
तोू खा रही थी,
मुझे
िचिड़या ने बुलाया
बोली, "चीं-चीं-चीं|"

मैं
तो पढ़ रही थी
मुझे कोयल ने बुलाया
बोली, "कूह,कूह,कूह|"

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मेरी िबल्ली

मैंने एक िबल्ली है पाली
कुछ भूरी है कुछ कुछ काली
दूध िपलाऊँ भर भर पयाली
दौड़ी आती सुनकर ताली
उसके गले जब घंटी डाली
घर चूहों से हो गया खाली

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लोरी

रात हुई तब चंदा आया
तारों ने आकाश सजाया
मेरी माँ ने लोरी गाई
चुपके - चुपके िनिदया आई
प्यारा- सा इक सपना देखा
बादल में घर अपना देखा |

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मौसी की शादी

गाल फूला मत मेरी मौसी,
होगी तेरी शादी
मौसी |
ढोल बजेगा ढम्मा ढम,
मैं नाचूगी छमा छम |
मौसा राजा आएगा,
तुझसे ब्याह रचाएगा |
मौसी पहने चुनरी लाल,
वो जायेगी आपने ससुराल |
तब मैं रोकर समझाऊँगी,
मत - रो मैं
िमलने आऊँगी

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िचिड़या

िचिड़या बोली कुट - कुट - कुट
मुझ को दे दो , दो
िबस्कुट,
भूख लगी है खाऊँगी,
खाकर
िफर सो जाऊँ गी ,
दूध मलाई रखी है,
पर इसमे तो मक्खी है
कासे
खाऊँ ? कासे खाऊँ ?
चलो - भूखी ही सो जाऊँ |

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मेरी गुिड़या

चाबी वाली मेरी गुिड़या
यह तो है आफत की पु
िड़या
ठुमक
ठुमक कर चलती है
खूब इशारे करती है,
चाबी थोड़ी और लगे तो
घूम घूम कर हंसती है |

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आलू कचालू

आलू कचालू बेटा कहाँ गए थे,
बन्दर की झोपडी में सो रहे थे |
बन्दर ने लात मार
ी, रो रहे थे,
मम्मी ने प्यार
िकया हँस रहे थे |
पापा ने पैसे
िदए, नाच रहे थे,
भैया ने लडडू
िदए, खा रहे थे |

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सूरज भैया

सूरज भैया,सूरज भैया
क्या मम्मी ने डाँटा है ?
गाल तुम्हारे लाल हो गए,
लगता खाया चाँटा है |
सूरज भैया,सूरज भैया
लगता है तुम रोए हो |
ऑखें दोनों सूज गई है ,
नही रात को सोए हो |

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सूरज गोल , चंदा गोल

सूरज गोल , चंदा गोल
मम्मी जी की रोटी गोल,
पूडी गोल, कचौरी गोल,
भैया खाए लड्डू गोल,
पिहया गोल, रूपया गोल,
सुनो सा
िथयो दुिनया गोल |

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प्यासा कौआ

एक कौआ प्यासा था,
घड़े में पानी थोड़ा था,
कौआ लाया कंकड़,
पानी आया ऊपर,
कौए ने
िपया पानी,
खत्म होई कहानी |

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लाला जी

लाला जी ने केला खाया,
केला खाकर मुँह िपचकाया,
मुँह िपचका कर, तोंद फुलाकर
उसका िछलका वहीं िगराया,
पाँव के नीचे िछलका आया,
लाला जी िफर िगरे धड़ाम,
मुँह से िनकला हाय राम |

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बत्ती

लाल बत्ती कहती है,
चलते-चलते रू्कते हम |
पीली कहती हो
िशयार,
रूकने को हो जाओ तैयार |
हरी बताए चलते जाओ,
आगे - आगे बढ़ते जाओ |

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सरकस के अंदर

हम पहुँचे सरकस के अंदर,
कार चलाता देखा बंदर |
डोगी साईिकल चला रहा था,
बंदर पानी िपला रहा था |
काला भालू नाच रहा था,
तोता सबको जाँच रहा था |

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िततली रानी

िततली रानी ! इतने सुंदर
पंख कंहा से लाई हो ?
क्या तुम कोई शहजादी हो,
जो परीलोक से आई हो?
फूल तुम्हे भी अच्छे लगते,
फूल हमे भी भाते है|
वो तुमको कैसे लगते ?
जो फूल तोड़ ले जाते है |